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मैं” और “मेरा” की आसक्ति मुक्ति में बाधा क्यों है? वज्रसूत्र की व्याख्या नौवाँ पाठ
मैं” और “मेरा” की आसक्ति मुक्ति में बाधा क्यों है? वज्रसूत्र की व्याख्या नौवाँ पाठ
पाठ की अवधि: 23:08
श्रमण के चार फल और शून्यता का साक्षात्कार: स्रोतापन्न एवं सकृदागामी का अलक्षण स्वभाव 🎤 व्याख्याता: खेनपो सोदारजी ⏱️ समय चिह्न / विवरण इस व्याख्यान में पूज्य खेनपो सोदारजी सर्वप्रथम 'वज्रसूत्र पुण्य सूत्र' के दो दिव्य आख्यानों के माध्यम से वज्रसूत्र के अचिन्त्य माहात्म्य का उद्घाटन करते हैं—जहाँ रोगग्रस्त पति के लिए सूत्र के श्रवण से पूर्ण स्वास्थ्य लाभ हुआ और युद्ध में प्राण संकट में पड़े साधक की एक वज्र देवता ने रक्षा की। खेनपो जी स्पष्ट करते हैं कि सांसारिक जीवन और आध्यात्मिक साधना के समस्त दुःखों, व्याधियों एवं प्रतिकूलताओं के निवारण के लिए वज्रसूत्र की शरण ग्रहण करना सर्वोत्तम साधन है। तदुपरांत, "एक लक्षण और अलक्षण" विषय के अंतर्गत यह गंभीर सिद्धांत प्रतिपादित किया गया है कि थेरवाद के 'श्रमण के चार फल' (स्रोतापन्न, सकृदागामी, अनागामी, अर्हत) भी प्रज्ञापारमिता की शून्यता और अनात्म के साक्षात्कार के बिना प्राप्त नहीं किए जा सकते। जैसा कि मिफम रिनपोछे ने अपने प्रमाण-ग्रंथों में स्थापित किया है, श्रावकों और प्रत्येकबुद्धों को भी प्रतीत्यसमुत्पाद की शून्यता का अंश जानना अनिवार्य है। सूत्र के प्रथम अंश की व्याख्या करते हुए दर्शाया गया है कि स्रोतापन्न फल प्राप्त करने वाला व्यवहार में 'प्रवाह में प्रवेश' करता है, किन्तु परमार्थ सत्य में वह रूप, शब्द, गंध, रस आदि किसी भी आलम्बन में प्रविष्ट नहीं होता ; अतः उसमें 'मैंने फल प्राप्त किया' जैसी कोई आसक्ति नहीं होती। व्याख्यान के अंतिम भाग में सकृदागामी फल (एक बार आने-जाने वाला / ) का विश्लेषण किया गया है। व्यवहार में वह कामधातु में एक बार लौटता है, किन्तु परमार्थ सत्य में वह जन्म-मरण तथा आने-जाने से रहित प्रज्ञा का साक्षात्कार करता है। अभिधर्मकोश के 'संघ के बीस प्रकार' एवं आचार्य नागार्जुन के 'मध्यमक मूल शास्त्र' के आलोक में पूज्य खेनपो जी ने समझाया कि जब तक 'मैं और मेरा' की सूक्ष्म आसक्ति का पूर्ण निरोध नहीं होता, तब तक कोई भी आर्य फल पद सिद्ध नहीं हो सकता। अतः समस्त आसक्तियों से रहित अलक्षण शून्यता ही परम मुक्ति का वास्तविक आधार है। 🤖 AI सामग्री सूचना AI हिन्दी अनुवाद एवं लिप-सिंक AI द्वारा निर्मित हैं। व्याख्यान की विषयवस्तु एवं फ़िल्मांकन स्थल पूर्णतः प्रामाणिक हैं। AI 🏷️ Tags 📚 उद्धृत ग्रंथ / 'वज्रसूत्र पुण्य सूत्र' / 'वज्रच्छेदिका प्रज्ञापारमिता सूत्र' (वज्रसूत्र) / 'तर्कोत्तर सूर्यप्रकाश शास्त्र' (मिफम रिनपोछे) / 'गेशे रासा के साथ वाद-विवाद का पत्र' (मिफम रिनपोछे) / Ra 'अभिसमयालंकार' (आर्य मैत्रेय) / 'अभिप्राय को स्पष्ट करने वाली टीका' (आचार्य ज़ोंगखापा) / 'षष्टि युक्ति शास्त्र की टीका' (आचार्य ज़ोंगखापा) / 'अभिधर्मकोश' (आचार्य वसुबंधु) / 'बुद्धिमानों का प्रवेश' (मिफम रिनपोछे) / 'मध्यमकावतार' (आचार्य चन्द्रकीर्ति) / 'मध्यमक मूल शास्त्र' (आचार्य नागार्जुन) / 'कर्मशतक सूत्र' / 🔔 सब्सक्राइब करें / 👍 लाइक और शेयर करें / 💬 अपने सवाल कमेंट करें /

Khenpo Sodargye
प्रशिक्षक
स्तर
चुनौतीपूर्ण
CMS स्तर कोड: advanced
विस्तार
10 पाठ · 1 घंटे 1 मि
प्रकाशित
1 सित॰ 2026
रेटिंग
4.8 / 5 (5 में से)