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मन के दुःख का सामना कैसे करें? बौद्ध ध्यान और प्रज्ञा पर Cambridge University में प्रवचन
मन के दुःख का सामना कैसे करें? बौद्ध ध्यान और प्रज्ञा पर Cambridge University में प्रवचन
पाठ की अवधि: 31:11
बौद्ध मार्ग का अभ्यास: केवल साधना के लिए या एक बेहतर संसार की ओर? 📍 स्थान: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, ब्रिटेन 🎤 व्याख्याता: खेनपो सोदरग्ये 🗓️ तिथि: 16 अक्टूबर 2015 ⏱️ समय चिह्न / विवरण इस व्याख्यान में, खेनपो सोदरग्ये कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में इस प्रश्न पर विचार करते हैं कि क्या बौद्ध साधना केवल व्यक्तिगत मोक्ष के लिए है या यह समाज को बेहतर बनाने का एक मार्ग है। वे स्पष्ट करते हैं कि महायान बौद्ध धर्म में बुद्धत्व प्राप्त करने के बाद भी प्राणियों का हित करना ही मुख्य लक्ष्य है। खेनपो जी आधुनिक जीवन की विसंगतियों, जैसे कि शरणार्थी संकट और अवसाद (Depression) की वैश्विक महामारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। वे मानसिक शांति के लिए 'चार स्मृत्युपस्थान' (Mindfulness) के अभ्यास और 'अनात्म' की प्रज्ञा पर बल देते हैं। विशेष रूप से, वे अवसाद से जूझ रहे लोगों के लिए मिफम रिनपोछे द्वारा प्रशंसित एक शक्तिशाली मंत्र (ॐ चण्ड महारोषण हूँ फट्) साझा करते हैं। अंत में, वे सभी को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने, पर्यावरण की रक्षा करने और अपने माता-पिता व वृद्धों के प्रति कृतज्ञता भाव रखने की प्रेरणा देते हैं। 🗓️ 20151016 🤖 AI सामग्री सूचना AI हिन्दी अनुवाद एवं लिप-सिंक AI द्वारा निर्मित हैं। व्याख्यान की विषयवस्तु एवं फ़िल्मांकन स्थल पूर्णतः प्रामाणिक हैं। AI 🏷️ Tags 📚 उद्धृत ग्रंथ / बोधिचर्यावतार / (Shantideva) अभिसमयालंकार / (Maitreya/Asanga) मध्यमकावतार / (Chandrakirti) शोक और विषाद / (Sigmund Freud) 🔔 सब्सक्राइब करें / 👍 लाइक और शेयर करें / 💬 अपने सवाल कमेंट करें /

Khenpo Sodargye
प्रशिक्षक
स्तर
आसान
CMS स्तर कोड: beginner
विस्तार
8 पाठ · 0 घंटे 28 मि
प्रकाशित
2 जुल॰ 2026
रेटिंग
4.8 / 5 (5 में से)