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खेनपो सोदरग्ये स्टैनफोर्ड प्रवचन चीनी क्षेत्र में तिब्बती बौद्ध धर्म का प्रसार
खेनपो सोदरग्ये स्टैनफोर्ड प्रवचन चीनी क्षेत्र में तिब्बती बौद्ध धर्म का प्रसार
पाठ की अवधि: 21:04
तिब्बती बौद्ध परंपरा का चीनी क्षेत्र में प्रसार 📍 स्थान: स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका 🎤 व्याख्याता: खेनपो सोदरग्ये 🗓️ तिथि: 20 नवंबर 2014 ⏱️ समय चिह्न / [00:00:00] स्वागत और अतिथि परिचय / [00:02:04] चीनी क्षेत्र में तिब्बती बौद्ध धर्म का प्रसार / [00:04:21] सच्चा बौद्ध धर्म क्या है? / [00:05:46] सिद्धांत (श्रवण) और साधना का महत्व / [00:07:46] गुरु जिग्मे फुन्त्सोक रिनपोछे का योगदान / [00:09:47] नालंदा विहार: तिब्बती और चीनी बौद्ध धर्म का उद्गम / [00:11:46] प्रज्ञा और तर्क से धर्म का परीक्षण / [00:16:21] आधुनिक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान / [00:19:31] युवाओं को संदेश: परोपकार और ज्ञान का सदुपयोग / विवरण इस व्याख्यान में गुरु खेनपो सोदरग्ये ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में "चीनी क्षेत्र में तिब्बती बौद्ध धर्म के प्रसार" विषय पर गहन चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म केवल बाहरी अनुष्ठानों या शानदार विहारों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि "सभी पापों का त्याग, सद्कर्मों का आचरण और मन की शुद्धि" ही बुद्ध की वास्तविक शिक्षा है। उन्होंने बौद्ध धर्म को एक धार्मिक परंपरा के साथ-साथ एक समग्र शिक्षा प्रणाली बताया, जिसमें श्रवण, मनन और वास्तविक साधना का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। खेनपो ने तिब्बती और चीनी दोनों बौद्ध परंपराओं के उद्गम स्थल 'नालंदा विहार' का ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि बौद्ध धर्म अंधी आस्था की नहीं, बल्कि प्रज्ञा और तर्क की मांग करता है। बुद्ध के वचनों को सोने की तरह कसौटी पर परखने के बाद ही अपनाना चाहिए। उन्होंने आधुनिक युग में लोगों के बढ़ते भौतिकवाद, मानसिक तनाव और सामाजिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और बताया कि ध्यान, बोधिचित्त और शून्यता की साधना किस प्रकार इन समस्याओं का प्रभावी समाधान बन सकती है। अंत में, उन्होंने उच्च शिक्षित युवाओं और बुद्धिजीवियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने आग्रह किया कि वे केवल अपने व्यक्तिगत सुख, संपत्ति या प्रतिष्ठा में आसक्त न रहें, बल्कि अपने ज्ञान, संपत्ति और शक्ति का उपयोग समाज के असहाय, निर्धन और अशिक्षित लोगों की सहायता के लिए करें। महायान बौद्ध धर्म का यही मूल सार है - परोपकार और दूसरों का कल्याण करना। 🗓️ : 20141120 🤖 AI सामग्री सूचना AI हिन्दी अनुवाद एवं लिप-सिंक AI द्वारा निर्मित हैं। व्याख्यान की विषयवस्तु एवं फ़िल्मांकन स्थल पूर्णतः प्रामाणिक हैं। AI 🏷️ Tags 📚 उद्धृत ग्रंथ / वसुबंधु आचार्य के उपदेश / महायानसूत्रालंकार / बुद्ध के वचन (सोने को परखने की तरह) / 🔔 सब्सक्राइब करें / 👍 लाइक और शेयर करें / 💬 अपने सवाल कमेंट करें /

Khenpo Sodargye
प्रशिक्षक
स्तर
आसान
CMS स्तर कोड: beginner
विस्तार
3 पाठ · 0 घंटे 28 मि
प्रकाशित
2 जुल॰ 2026
रेटिंग
4.8 / 5 (5 में से)