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क्या आप नालंदा के उस गौरवशाली इतिहास को जानते हैं जो चीन तक पहुँचा?
क्या आप नालंदा के उस गौरवशाली इतिहास को जानते हैं जो चीन तक पहुँचा?
पाठ की अवधि: 1:51
प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय महज ईंटों का ढांचा नहीं था, बल्कि ज्ञान का वह प्रकाशस्तंभ था जिसने पूरी दुनिया को राह दिखाई। चौथी से बारहवीं शताब्दी के बीच, ह्वेन त्सांग जैसे विदेशी विद्वान यहाँ की शिक्षा प्रणाली से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने आचार्य शीलभद्र के सान्निध्य में धर्म, दर्शन और प्रमाण शास्त्रों का गहन अध्ययन किया। अपनी मातृभूमि लौटकर उन्होंने न केवल बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का प्रसार किया, बल्कि पूर्वी एशिया की बौद्धिक संस्कृति की दिशा ही बदल दी। यह कहानी उस सांस्कृतिक आदान-प्रदान की है, जिसने नालंदा को विश्व पटल पर अमर कर दिया।

Khenpo Sodargye
प्रशिक्षक
स्तर
आसान
CMS स्तर कोड: beginner
विस्तार
42 पाठ · 10 घंटे 51 मि
प्रकाशित
3 जून 2026
रेटिंग
4.8 / 5 (5 में से)