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प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र — 2600 वर्ष पुरानी प्रज्ञा जो आज भी प्रासंगिक है स्वीडन स्टॉकहोम प्रवचन
पाठ की अवधि: 38:47
प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र - अलौकिक आनंद 📍 स्थान: स्वीडन स्टॉकहोम ABF भवन का व्याख्यान कक्ष 🎤 व्याख्याता: सोदरग्ये खेनपो 🗓️ तिथि: 26 नवंबर 2017 ⏱️ समय चिह्न / [00:00:00] प्रश्नोत्तर: कर्म और अनित्यता का सिद्धांत / [00:01:42] प्रश्नोत्तर: थाई और तिब्बती बौद्ध धर्म / [00:03:19] प्रश्नोत्तर: शून्यता और प्रकटन का संबंध / [00:00:00] मुख्य व्याख्यान: परिचय और स्वागत / [00:02:00] प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र का परिचय / [00:06:30] तीन धर्मचक्र प्रवर्तन और "अ" अक्षर का अर्थ / [00:10:30] हृदय सूत्र के पाठ का लाभ / [00:15:00] ह्वेनत्सांग के अनुवाद का इतिहास / [00:20:00] रूप और शून्यता की व्याख्या / [00:24:37] पंच स्कंध, द्वादश आयतन और अष्टादश धातु / [00:27:23] प्रतीत्यसमुत्पाद, चतुरार्य सत्य और मंत्र / [00:30:00] आधुनिक जीवन में आंतरिक सुख और भय से मुक्ति / [00:32:12] सोदरग्ये खेनपो द्वारा तिब्बती भाषा में पाठ / विवरण स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित एबीएफ भवन में सोदरग्ये खेनपो ने "प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र - अलौकिक आनंद" विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। इस भौतिकवादी और तनावपूर्ण आधुनिक समाज में, खेनपो ने यह मार्ग दिखाया कि कैसे बौद्ध धर्म के 'प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र' का अध्ययन करके आंतरिक शांति और अलौकिक आनंद प्राप्त किया जा सकता है। व्याख्यान में हृदय सूत्र के ऐतिहासिक मूल, इसके विभिन्न अनुवादों और इसमें निहित गहन प्रज्ञा (ज्ञान) पर विस्तार से चर्चा की गई है। खेनपो ने "रूप ही शून्यता है, शून्यता ही रूप है" के मुख्य सिद्धांत को अत्यंत सरलता से समझाया। उन्होंने पंच स्कंध, द्वादश आयतन, अष्टादश धातु और प्रतीत्यसमुत्पाद के बारह अंगों जैसे मौलिक बौद्ध सिद्धांतों की विशद व्याख्या की। उन्होंने बताया कि यद्यपि हृदय सूत्र बहुत संक्षिप्त है (केवल 260 अक्षर), फिर भी यह शाक्यमुनि बुद्ध के द्वितीय धर्मचक्र प्रवर्तन का सार है। इसके नियमित पाठ और मनन से व्यक्ति न केवल अपने अहंकार और भौतिक आसक्तियों को दूर कर सकता है, बल्कि दैनिक जीवन के भय, चिंता और असुरक्षा की भावना पर भी विजय प्राप्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त, खेनपो ने आध्यात्मिक विश्वास और आंतरिक शुद्धि के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि चाहे उनकी कोई धार्मिक आस्था हो या न हो, उन्हें अपने अंतर्मन में एक आध्यात्मिक आश्रय खोजना चाहिए। प्रज्ञा और शून्यता के ज्ञान से हम जीवन की किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और सच्ची शांति व आनंद प्राप्त कर सकते हैं। 📍 ABF 🗓️ 20171126 ABF 260 🤖 AI सामग्री सूचना AI हिन्दी अनुवाद एवं लिप-सिंक AI द्वारा निर्मित हैं। व्याख्यान की विषयवस्तु एवं फ़िल्मांकन स्थल पूर्णतः प्रामाणिक हैं। AI 🏷️ Tags 📚 उद्धृत ग्रंथ / प्रज्ञापारमिता हृदय सूत्र / शतसाहस्रिका प्रज्ञापारमिता / पंचविंशतिसाहस्रिका प्रज्ञापारमिता / अष्टसाहस्रिका प्रज्ञापारमिता / प्रज्ञापारमिता संचय गाथा / मंजुश्रीनामसंगीति / मंजुश्री परिपृच्छा सूत्र / 🔔 सब्सक्राइब करें / 👍 लाइक और शेयर करें / 💬 अपने सवाल कमेंट करें /

Khenpo Sodargye
प्रशिक्षक
स्तर
आसान
CMS स्तर कोड: beginner
विस्तार
42 पाठ · 10 घंटे 51 मि
प्रकाशित
3 जून 2026
रेटिंग
4.8 / 5 (5 में से)